यह गाइड 6 सितंबर 2026 तक की स्थिति बताती है और हर जगह आधिकारिक स्रोत का लिंक देती है। तारीखें, आय सीमा और राशि राज्य सरकार समय-समय पर बदलती है, और पुराने आंकड़े इंटरनेट पर बहुत फैले हुए हैं। कुछ भी करने से पहले नीचे दिए गए आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि कर लीजिए।

आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है — यानी अब बहुत कम दिन बचे हैं। अगर आप सहरसा, मधेपुरा या सुपौल से हैं और कक्षा 10 के आगे पढ़ रहे हैं, तो यही आपके लिए सबसे बड़ी शिक्षा सहायता है। आगे पढ़ने से पहले एक बात तय कर लीजिए: आपका वर्ग कौन सा है, क्योंकि उसी से पोर्टल तय होता है।

एक नजर में

योजनाBihar Post Matric Scholarship (PMS) 2026-27
किसके लिएकक्षा 10 से आगे पढ़ रहे SC, ST, BC और EBC छात्र
आवेदन की अवधि15 जुलाई 2026 से 15 सितंबर 2026
आवेदन शुल्ककोई नहीं
BC / EBC पोर्टलpmsonline.bihar.gov.in
SC / ST पोर्टलscstpmsonline.bihar.gov.in
आय सीमा₹3,00,000 सालाना (2026-27 के लिए बताई गई — पोर्टल पर जाँच लें)
भुगतानआधार-सीडेड बैंक खाते में DBT से

सबसे पहले: कौन सा पोर्टल आपका है?

सबसे ज्यादा छात्र यहीं गलती करते हैं, इसलिए बाकी कुछ भी करने से पहले यह तय कर लीजिए। बिहार में Post Matric Scholarship दो अलग पोर्टलों से चलती है, वर्ग के हिसाब से बँटी हुई:

  • BC और EBC छात्र — pmsonline.bihar.gov.in पर आवेदन कीजिए।
  • SC और ST छात्र — scstpmsonline.bihar.gov.in पर आवेदन कीजिए।

गलत पोर्टल पर पंजीकरण छोटी गलती नहीं है। आवेदन दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं होता, और सत्यापन के समय जब यह पकड़ में आता है तब तक तारीख निकल चुकी हो सकती है। अपना जाति प्रमाणपत्र देखिए, वर्ग पक्का कीजिए, फिर पोर्टल चुनिए।

पात्रता

  • बिहार के स्थायी निवासी — इसमें कोसी प्रमंडल के तीनों जिले शामिल हैं: सहरसा, मधेपुरा और सुपौल।
  • SC, ST, BC या EBC वर्ग से, वैध जाति प्रमाणपत्र के साथ।
  • परिवार की सालाना आय (माता-पिता या अभिभावक की, छात्र की अपनी आय सहित) तय सीमा के भीतर।
  • किसी मान्यता प्राप्त पोस्ट-मैट्रिक कोर्स में नामांकित — कक्षा 11 से आगे, जिसमें ITI, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, विधि और प्रबंधन शामिल हैं।
  • उसी कोर्स और उसी सत्र के लिए कोई दूसरी छात्रवृत्ति न ले रहे हों।
आय सीमा पर ध्यान दीजिए। 2026-27 के लिए मौजूदा जानकारी के अनुसार यह सीमा SC, ST, BC और EBC — सभी के लिए ₹3,00,000 सालाना है। बहुत सी वेबसाइटों पर आपको ₹2,50,000 और ₹1,50,000 भी मिलेंगे — वे आंकड़े पुराने वर्षों के हैं या केंद्र प्रायोजित अलग योजना के, और बिना जाँचे आगे कॉपी होते रहते हैं। आय प्रमाणपत्र बनवाने से पहले पोर्टल की अधिसूचना में मौजूदा सीमा देख लीजिए, क्योंकि सीमा से ऊपर की राशि वाला प्रमाणपत्र बाद में बदला नहीं जा सकता।

पैसा कितना मिलता है?

छात्रवृत्ति के दो हिस्से होते हैं, और ज्यादातर छात्र सिर्फ पहले के बारे में सोचते हैं:

  • ट्यूशन और अनिवार्य फीस — एक तय सीमा तक प्रतिपूर्ति, जो आपके कोर्स पर और इस पर निर्भर है कि संस्थान सरकारी है या मान्यता प्राप्त निजी।
  • रखरखाव या शैक्षणिक भत्ता — रहने-खाने, किताबों और सामग्री के लिए अलग राशि। हॉस्टल में रहने वालों को डे स्कॉलर से ज्यादा मिलता है।

हाल के चक्रों में बताए गए अनुमानित सालाना आंकड़े:

स्थितिबताया गया अनुमानित सालाना कुल
B.Tech, मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज, BC/EBC, हॉस्टलरलगभग ₹24,000 (₹15,000 फीस सीमा + ₹750 × 12 रखरखाव)
B.Tech, मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज, BC/EBC, डे स्कॉलरलगभग ₹19,200
B.Tech, मान्यता प्राप्त निजी कॉलेज, SC/ST, हॉस्टलरलगभग ₹28,500
स्नातकोत्तर कार्यक्रमलगभग ₹12,000
डिप्लोमा कार्यक्रमलगभग ₹5,000

ये बताए गए आंकड़े सिर्फ अंदाजे के लिए हैं, गारंटी नहीं। कोर्सवार सीमाएँ सरकारी अधिसूचना से तय होती हैं और समय-समय पर बदलती हैं। आपकी स्वीकृत राशि आपके कोर्स, संस्थान की स्थिति, वर्ग और हॉस्टलर या डे स्कॉलर होने पर निर्भर करती है। अंतिम प्रमाण आधिकारिक अधिसूचना ही है।

शुरू करने से पहले कागज तैयार कर लीजिए

जब तक ये सब स्कैन होकर तैयार न हों, फॉर्म मत खोलिए। हर साल जितने आवेदन फेल होते हैं, उनमें बड़ा हिस्सा उन्हीं का है जो आधे भरकर छूट गए और कभी जमा ही नहीं हुए।

  • आवासीय प्रमाणपत्र — CO, SDO या DM से जारी।
  • आय प्रमाणपत्र — वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बना हुआ। पिछले वर्ष का पुराना प्रमाणपत्र रद्द होने के सबसे आम कारणों में है।
  • जाति प्रमाणपत्र — उसी वर्ग का जिसके तहत आवेदन कर रहे हैं।
  • कॉलेज का बोनाफाइड प्रमाणपत्र, फीस के ब्योरे के साथ — उसमें फीस मदवार लिखी होनी चाहिए, सिर्फ इतना नहीं कि आप नामांकित हैं।
  • पिछले वर्ष का अंकपत्र।
  • आधार कार्ड।
  • बैंक पासबुक — अपने ही नाम का खाता, DBT के लिए आधार-सीडेड।
कोसी प्रमंडल के लिए: सहरसा, मधेपुरा और सुपौल में आय और आवासीय प्रमाणपत्र आमतौर पर ब्लॉक कार्यालय के RTPS काउंटर या अंचल अधिकारी के जरिए बनते हैं। एक-दो हफ्ते का समय सचमुच रखिए — अगस्त और सितंबर में इन काउंटरों पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, ठीक इसीलिए कि प्रमंडल के सारे छात्रों को एक ही समय वही प्रमाणपत्र चाहिए। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज कभी-कभी बोनाफाइड एक खास प्रारूप में माँगते हैं, इसलिए कतार में लगने से पहले अपने संस्थान के छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी से पूछ लीजिए कि वे क्या जारी करते हैं।

RTPS से आय, जाति और आवासीय प्रमाणपत्र कैसे बनवाएँ →

आवेदन की प्रक्रिया, चरण दर चरण

आपका आवेदन एक तय क्रम से गुजरता है। यह क्रम पता होने का फायदा यह है कि जब कहीं अटके, तो आपको मालूम रहे कि किसके पीछे जाना है:

  1. पंजीकरण — अपने वर्ग के पोर्टल पर खाता बनाइए।
  2. फॉर्म भरना — व्यक्तिगत, शैक्षणिक और बैंक विवरण।
  3. कागज अपलोड — ऊपर दी गई सूची।
  4. आधार सीडिंग की जाँच — पोर्टल देखता है कि आपका खाता DBT के लिए आधार से जुड़ा है या नहीं।
  5. फाइनलाइज — जब तक आप फाइनलाइज नहीं करते, कुछ भी आगे नहीं बढ़ता।
  6. संस्थान सत्यापन — आपका कॉलेज या स्कूल नामांकन और फीस की पुष्टि करता है।
  7. जिला सत्यापन — जिला कल्याण कार्यालय जाँच करता है।
  8. राज्य स्वीकृति — अंतिम मंजूरी।
  9. भुगतान — DBT से आपके खाते में।

पाँचवाँ चरण वही है जहाँ अपनी ही गलती से सबसे ज्यादा आवेदन रुकते हैं। छात्र फॉर्म भरते हैं, कागज अपलोड करते हैं, मान लेते हैं कि काम हो गया, और फाइनलाइज कभी दबाते ही नहीं। बिना फाइनलाइज किया आवेदन वैसा ही माना जाता है जैसे कभी जमा ही न हुआ हो।

स्थिति कैसे देखें — और पैसा कब आता है

जिस पोर्टल पर आवेदन किया था, उसी पर लॉगिन करके application status वाला पेज खोलिए। वहाँ दिखता है कि आपकी फाइल कहाँ पड़ी है। दो बातें समझने लायक हैं:

  • स्वीकृति और भुगतान अलग-अलग चरण हैं। "State approved" का मतलब यह नहीं कि पैसा भेज दिया गया। उसके बाद रकम DBT से चलती है, जिसे PFMS पर अलग से ट्रैक किया जा सकता है।
  • अगर आप 30 दिन से ज्यादा "Institution Verification Pending" पर अटके हैं, तो फाइल सरकार के पास नहीं, आपके कॉलेज के पास है। कॉलेज कार्यालय जाकर छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी से आगे बढ़ाने को कहिए। यही सबसे कारगर कदम है, और पोर्टल बार-बार रिफ्रेश करने से इसका कोई विकल्प नहीं बनता।

स्थिति और भुगतान ट्रैक करने की पूरी गाइड →

आवेदन रद्द क्यों होते हैं

लगभग हर अस्वीकृति इसी छोटी सूची से आती है:

  • आधार, अंकपत्र और बैंक खाते में नाम का अंतर — वर्तनी की छोटी सी भिन्नता या छूटा हुआ सरनेम भी।
  • आय प्रमाणपत्र 2026-27 का न होकर पिछले वित्तीय वर्ष का।
  • बैंक खाता DBT के लिए आधार-सीडेड नहीं, इसलिए स्वीकृति के बाद भी रकम लौट जाती है।
  • गलत वर्ग के पोर्टल पर आवेदन।
  • उसी कोर्स और सत्र के लिए कोई दूसरी छात्रवृत्ति ले रखी हो।
  • समय पर defect ठीक न करना। कोई कमी पकड़ी जाए तो सुधारने और दोबारा फाइनलाइज करने के लिए छोटी अवधि मिलती है — 15 दिन बताई गई है। चूक गए तो आवेदन सीधे रद्द।

आखिरी वाली बात छात्र जितना समझते हैं, उससे ज्यादा मायने रखती है। जमा करने के बाद हर हफ्ते पोर्टल देखिए। जो defect notice आपने कभी देखा ही नहीं, उसका नतीजा वही है जो आवेदन न करने का होता।

कोसी प्रमंडल के जिला कार्यालय

अगर आवेदन जिला सत्यापन पर अटका है, या प्रमाणपत्र में मदद चाहिए, तो जिला प्रशासन की साइटों पर कल्याण अनुभाग के मौजूदा संपर्क मिलते हैं:

हम यहाँ फोन नंबर छापने के बजाय आधिकारिक जिला पेज का लिंक देते हैं, क्योंकि अधिकारियों की तैनाती और नंबर साल भर बदलते रहते हैं — और पुराना नंबर उस यात्रा को बेकार कर देता है जो शायद आपने बहुत दूर से की हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Bihar Post Matric Scholarship 2026-27 की अंतिम तिथि क्या है?

15 सितंबर 2026। इस योजना की तारीख पिछले वर्षों में बढ़ी भी है, पर बढ़ोतरी के भरोसे कभी मत बैठिए — जल्दी आवेदन कीजिए और मौजूदा तारीख पोर्टल पर देख लीजिए।

क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क है?

नहीं। कोई सरकारी शुल्क नहीं है। अगर कोई साइबर कैफे या एजेंट कहे कि पोर्टल पर शुल्क देना पड़ता है, तो यह गलत है। वे फॉर्म भरने की अपनी सेवा-शुल्क ले सकते हैं, जो आपके और उनके बीच की अलग बात है।

अगर मैं बिहार से बाहर पढ़ रहा हूँ तो आवेदन कर सकता हूँ?

शर्त संस्थान की जगह नहीं, आपका बिहार का निवासी होना है। पर राज्य से बाहर के संस्थानों के नियम वर्ग और कोर्स के हिसाब से अलग होते हैं। आवेदन से पहले अपने मामले के लिए पोर्टल पर पुष्टि कर लीजिए।

स्थिति स्वीकृत दिख रही है पर पैसा नहीं आया, अब क्या करें?

पहले बैंक जाकर अपनी DBT और आधार सीडिंग की स्थिति जाँचिए — सबसे आम कारण यही होता है। सीडिंग ठीक हो तो PFMS पर भुगतान ट्रैक कीजिए, और फिर जिला कल्याण कार्यालय से संपर्क कीजिए।

क्या इसके साथ कोई दूसरी छात्रवृत्ति भी ले सकते हैं?

नहीं। एक ही कोर्स और एक ही सत्र में दूसरी छात्रवृत्ति लेने पर आपका PMS आवेदन रद्द हो सकता है।

निचोड़

अवधि के आखिर में नहीं, शुरू में आवेदन कीजिए। आखिरी दिनों में पोर्टल पर भार तेजी से बढ़ता है, और उससे भी बड़ी बात यह कि राज्य की स्वीकृति से पहले आपका आवेदन कॉलेज और जिला कार्यालय से होकर गुजरता है — इन दोनों में लगने वाला समय आपके हाथ में नहीं है। अगस्त में फाइनलाइज किया गया आवेदन defect notice और सुधार दोनों झेल सकता है। 14 सितंबर को फाइनलाइज किया गया नहीं झेल सकता।

पहले तीनों प्रमाणपत्र बनवाइए, बैंक खाता आधार-सीडेड है यह जाँचिए, अपने वर्ग का पोर्टल पक्का कीजिए — और फिर एक बार बैठकर फॉर्म ठीक से भर दीजिए।

कोई गलती दिखे या कोई तारीख बदल गई हो? हमें बताइए — हम इन पेजों को तुरंत सुधारते हैं, क्योंकि प्रमंडल के छात्र इन्हीं के आधार पर कदम उठाते हैं।