6 सितंबर 2026 तक की स्थिति। पोर्टल की शर्तें मार्च 2026 में बदली थीं और आगे भी बदल सकती हैं, इसलिए मौजूदा प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर देख लीजिए। इन प्रमाणपत्रों के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं है — जो कोई शुल्क माँगे, वह या तो अपनी सेवा का पैसा ले रहा है या आपको ठग रहा है।

इस साइट पर छात्रवृत्ति रद्द होने की जितनी वजहें हम लिखते हैं, उनमें से लगभग हर वजह तीन कागजों में से किसी एक तक पहुँचती है — आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, या आवासीय प्रमाणपत्र।

ये तीनों सही हों तो ज्यादातर आवेदन निकल जाते हैं। इनमें गड़बड़ी हो — और आमतौर पर गड़बड़ी यही होती है कि पुराना प्रमाणपत्र लगा दिया गया — तो बाकी सब कुछ बेमानी हो जाता है।

अगर आप Post Matric Scholarship के लिए आवेदन करने जा रहे हैं, तो यह पेज पहले पढ़िए। उसकी तिथि बढ़कर 30 सितंबर 2026 हो गई है, और प्रमाणपत्र बनने में 7 से 15 कार्य दिवस लगते हैं। यानी आज आवेदन करने पर भी प्रमाणपत्र समय पर मिलने की गुंजाइश तंग है। पहले जाँचिए कि आपके पास चालू वर्ष का आय प्रमाणपत्र पहले से है या नहीं — अगर है, तो नया बनवाने की जरूरत ही नहीं।

आवेदन कहाँ करें

आप अपने ब्लॉक के RTPS काउंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं — सहरसा, मधेपुरा और सुपौल के ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लोग यही करते हैं।

वह तालिका जो आपका आवेदन रद्द होने से बचाएगी

हर प्रमाणपत्र की वैधता अलग होती है। इस पेज पर सबसे काम की चीज यही है, और छात्रों को यह लगभग कोई नहीं बताता:

प्रमाणपत्रबताई गई वैधता
जाति प्रमाणपत्रएक बार बनने के बाद आजीवन
आवासीय प्रमाणपत्र3 वर्ष
आय प्रमाणपत्र1 वर्ष
EWS प्रमाणपत्र1 वर्ष

यह प्रमाणपत्र की अपनी वैधता है। हर योजना इसके ऊपर अपनी शर्त लगा सकती है — जैसे Post Matric Scholarship पोर्टल जाति प्रमाणपत्र सिर्फ पिछले दो शैक्षणिक सत्रों तक का मानता है और आय प्रमाणपत्र 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद का माँगता है।

आवेदन इसी वजह से रद्द होते हैं। आपका आय प्रमाणपत्र हर साल पुराना पड़ जाता है। छात्रवृत्ति योजनाएँ चालू वित्तीय वर्ष का प्रमाणपत्र माँगती हैं। छात्र पिछले साल वाला ही लगा देते हैं, क्योंकि देखने में वह ठीक-ठाक लगता है और उस पर कहीं लिखा नहीं होता कि यह अब नहीं चलेगा — और सत्यापन के समय आवेदन रद्द हो जाता है, अक्सर तब जब सुधार की अवधि भी बीत चुकी होती है। किसी भी छात्रवृत्ति आवेदन से पहले सबसे पहले अपने आय प्रमाणपत्र पर जारी होने की तारीख देखिए।

2026 में क्या बदला

लगभग मार्च 2026 से RTPS की प्रक्रिया में तीन बदलाव आए:

  • MeriPehchaan (Jan Parichay) SSO लॉगिन अब अनिवार्य है। अब पोर्टल का अपना अलग खाता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सिंगल साइन-ऑन से लॉगिन करना होता है।
  • आवेदन के दौरान आधार OTP सत्यापन जरूरी है।
  • पहले के मुकाबले कुछ अतिरिक्त कागज और विवरण माँगे जाते हैं।

अगर आपने आखिरी बार दो-तीन साल पहले आवेदन किया था और पुरानी प्रक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं, तो पोर्टल अनजाना इसीलिए लग रहा है। ध्यान रहे कि आपका मोबाइल नंबर वही होना चाहिए जो आधार से जुड़ा है, वरना OTP वाला कदम अटक जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  1. serviceonline.bihar.gov.in खोलिए और MeriPehchaan / Jan Parichay से लॉगिन कीजिए।
  2. जो प्रमाणपत्र चाहिए उसे चुनिए — आय, जाति, आवासीय, EWS, NCL या चरित्र।
  3. स्तर चुनिए जिस पर आवेदन करना है: ब्लॉक (अंचल), अनुमंडल, या जिला।
  4. व्यक्तिगत विवरण ठीक वैसे भरिए जैसे आधार पर लिखा है।
  5. आधार OTP सत्यापन पूरा कीजिए।
  6. सहायक कागज अपलोड करके जमा कीजिए।
  7. आवेदन या पावती संख्या सहेज लीजिए — स्थिति देखने और प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के लिए यही चाहिए।

कागज तैयार हों तो फॉर्म भरने में करीब 15 से 20 मिनट लगते हैं।

कितना समय लगता है

बताया गया समय 7 से 15 कार्य दिवस है, और जहाँ राजस्व अधिकारी तत्पर हों वहाँ इससे कम भी हो सकता है। लंबे वाले अनुमान से योजना बनाइए, खासकर अगस्त और सितंबर में, जब पूरा प्रमंडल एक साथ छात्रवृत्ति के कागज बनवा रहा होता है।

अगर प्रमाणपत्र किसी छात्रवृत्ति की तारीख के लिए चाहिए, तो उल्टा गिनिए। 30 सितंबर को बंद होने वाली Post Matric Scholarship के लिए सितंबर के मध्य में आय प्रमाणपत्र के लिए दिया गया आवेदन भी तंग पड़ता है — और प्रमाणपत्र तो सिर्फ पहला कदम है, उसके बाद छात्रवृत्ति को कॉलेज और जिला सत्यापन से भी गुजरना होता है।

Post Matric Scholarship की पूरी गाइड →

नाम सही रखिए

किसी भी असली वजह से ज्यादा आवेदन नाम के अंतर पर फेल होते हैं। आवेदन से पहले इन्हें आमने-सामने रखकर मिला लीजिए:

  • आधार
  • कक्षा 10 का अंकपत्र
  • बैंक खाता
  • पहले से बना कोई जाति या आवासीय प्रमाणपत्र

छूटा हुआ सरनेम, एक जगह पूरा और दूसरी जगह संक्षिप्त लिखा गया नाम, या वर्तनी की छोटी सी भिन्नता — बाद में आपत्ति लगने के लिए इतना ही काफी है। यह गड़बड़ी जड़ में ही ठीक कर लीजिए, इससे पहले कि उसी के ऊपर और कागज बनते चले जाएँ।

स्थिति देखना और प्रमाणपत्र डाउनलोड करना

उसी पोर्टल पर आवेदन संख्या से स्थिति देखी जा सकती है और जारी होने के बाद प्रमाणपत्र डाउनलोड किया जा सकता है। डिजिटल रूप से जारी प्रमाणपत्रों पर सत्यापन विवरण होता है और उन्हें ऑनलाइन जाँचा जा सकता है — यानी असली प्रमाणपत्र की पुष्टि हो सकती है, और नकली पकड़ा जाएगा।

इस प्रमंडल के लिए एक चेतावनी: जो एजेंट कहते हैं कि वे "जितनी आय चाहिए उतनी दिखाकर" प्रमाणपत्र बनवा देंगे, वे आपको ऐसा कागज बेच रहे हैं जिसे रिकॉर्ड से मिलाकर जाँचा जा सकता है — और ऐसी धोखाधड़ी में मुकदमा आप पर चलेगा। छात्रवृत्ति योजनाओं में जिला स्तर पर सत्यापन होता है। यह जोखिम लेने लायक नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बिहार का आय प्रमाणपत्र कितने दिन तक वैध रहता है?

एक वर्ष। छात्रवृत्ति योजनाएँ आमतौर पर चालू वित्तीय वर्ष का आय प्रमाणपत्र माँगती हैं, और यही वजह है कि पिछले साल वाला प्रमाणपत्र दोबारा लगाना रद्द होने के सबसे आम कारणों में है।

जाति, आय या आवासीय प्रमाणपत्र के लिए कोई शुल्क लगता है?

नहीं। RTPS पोर्टल से आवेदन नि:शुल्क है। साइबर कैफे या CSC संचालक आपकी ओर से फॉर्म भरने की अपनी सेवा-शुल्क ले सकता है, पर सरकारी शुल्क कोई नहीं है।

RTPS प्रमाणपत्र बनने में कितना समय लगता है?

बताया गया समय 7 से 15 कार्य दिवस है, कभी-कभी इससे कम भी। अगस्त और सितंबर में लंबा समय मानकर चलिए, क्योंकि तब पूरे प्रमंडल में छात्रवृत्ति की तारीखों से पहले सबसे ज्यादा माँग रहती है।

RTPS Bihar के लिए अब MeriPehchaan लॉगिन क्यों जरूरी है?

लगभग मार्च 2026 से RTPS पोर्टल पर MeriPehchaan (Jan Parichay) सिंगल साइन-ऑन अनिवार्य हो गया है, साथ में आधार OTP सत्यापन भी। OTP वाला कदम तभी चलेगा जब आपका मोबाइल नंबर वही हो जो आधार से जुड़ा है।

क्या जाति प्रमाणपत्र की वैधता खत्म होती है?

जाति प्रमाणपत्र एक बार बनने के बाद आजीवन वैध बताया गया है। आवासीय प्रमाणपत्र 3 वर्ष और आय तथा EWS प्रमाणपत्र 1-1 वर्ष के लिए वैध होते हैं। पर ध्यान रखिए: योजनाएँ अपनी अलग शर्त लगा सकती हैं। Bihar Post Matric Scholarship का पोर्टल कहता है कि जाति प्रमाणपत्र पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से वर्तमान सत्र तक का ही मान्य होगा — यानी प्रमाणपत्र खुद खत्म नहीं होता, पर उस योजना के लिए बहुत पुराना प्रमाणपत्र नहीं चलेगा।

Caste certificate validity in Bihar: how many years is it valid?

A Bihar caste certificate does not carry an expiry date and is generally treated as valid for life. A residence (domicile) certificate is valid for 3 years, and income and EWS certificates for 1 year each. The catch is that individual schemes set their own recency rules regardless of this. The Bihar Post Matric Scholarship portal, for example, accepts a caste certificate only from the previous two academic sessions up to the current one, and requires the income certificate to be issued on or after 1 April of the current year. So "valid for life" is true of the document and misleading as advice — always check the scheme's own rule before you apply.

निचोड़

कोई भी छात्रवृत्ति आवेदन शुरू करने से पहले अपने आय प्रमाणपत्र पर जारी होने की तारीख देखिए। अगर वह पिछले वित्तीय वर्ष का है, तो पहले नया बनवाइए और दो हफ्ते का समय हाथ में रखिए।

इस साइट की बाकी हर चीज — Post Matric Scholarship, Kanya Utthan Yojana, Student Credit Card — इन्हीं तीन कागजों के चालू और आपस में मेल खाते होने पर टिकी है।

पोर्टल या वैधता में कोई बदलाव हुआ हो? हमें बताइए — हम इन पेजों को तुरंत सुधारते हैं।